Hindi Kavita

Progressive and Experimentalism

Progressive-and-Experimentalism

प्रगतिवाद और प्रयोगवाद  छायावाद के बाद 1936 में प्रगविवाद का प्रवर्तन हुआ और 1943 में प्रयोगवाद का। प्रगतिवादी साहित्य मार्क्स के सिद्धान्तों से प्रभावित साहित्य है। यह धारा जनवादी साहित्य या प्रगतिवादी साहित्य के नाम पर आज भी चल रही है। यह केवल साहित्यिक धारा नहीं है बल्कि राजनीति से भी इसका गहरा लगाव है। चूँकि आज की मानवीय संस्कृति ...

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History of modern Hindi | Khadiboli in North India

Khadiboli Hindi

आधुनिक हिंदी का इतिहास उत्तर भारत में खड़ीबोली दक्खिनी हिन्दी उत्तर भारत की हिन्दी से कुछ इतनी दूर थी कि एक का प्रभावदूसरे पर पड़ ही नहीं सकता था। यहाँ पर दक्खिनी हिन्दी के उल्लेख का मतलब था खड़ीबोली की प्राचीनता दिद्याना और उसके विकास के चरणों को रेखांकित करना। उत्तर भारत में खड़ीबोली अपने ढंग से विकसित हो रही ...

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Christian mission

Christian mission

आधुनिक हिंदी का इतिहासईसाई मिशन यदि राजकाज के लिए सरकारी स्तर पर हिन्दी गद्य का निर्माण और प्रसार फोर्ट विलियम कालेज के माध्यम से किया जाने लगा तो ईसाई धर्म के प्रचार के लिए ईसाई मिशनों ने भी हिन्दी गद्य के निर्माण में योग दिया। इस धर्म में धर्म प्रचाः के लिए ईसाई मिशन बरावर आया करते थे। पर बाइबिल ...

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Prose and beginning of Khadiboli poetry

गद्य और खड़ीबोली कविता का प्रारम्भ भारतेन्दु और उनका मण्डल जिन ऐतिहासिक परिस्थितियों में हिन्दी गद्य का निर्माण हो रहा था उन्हें में बेंगला-मराठी-गुजराती तथा अन्य भारतीय भाषाओं का गद्य भी विकसित और निर्मित हो रहा था। इसलिये अपनी अलग-अलग विशेषताओं के बावजूद उनके साहित्य में एक प्रकार का अदूभुत साम्य भी दिखाई देता है। देशभक्ति तथा अंग्रेजों की शोषण-नीति ...

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Hindi outside Fort William College

Hindi outside Fort William College

आधुनिक हिंदी का इतिहास फोर्ट विलियम कालेज के बाहर की हिन्दी प्रशासनिक सुविधा के लिए सन्‌ १८०० में अंग्रेजों ने कलकत्ते में फोर्ट विलियम कालेज की स्थापना की। इस कालेज में साहित्य और विज्ञान दोनों की शिक्षा का आयोजन किया गया। साहित्य में एक ओर तो क्लासिकल भाषा-साहित्य–अरबी, फारसी, संस्कृत-की शिक्षा दी जाने लगी और दूसरी ओर देशभाषा–हिन्दुस्तानी, भाख्वा, बँगला, ...

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Badrinarayan Chaudhari

Badrinarayan Chudhary

पंडित बदरीनारायण चौधरी उपाध्याय “प्रेमधन” ़ (१८९५-१८६४)  बदरीनारायण  चौधरी ने अपने पत्र “आनन्द कादम्बिनी! और ‘नागरी नीरद’ में अनेक लेख लिखे हैं। वे भारतेन्दु के विचारों क पूर्ण समर्थक थे। उन्होंने अपने कई लेखों में अंग्रेजी नीति का भंडोफोड़ किया है। उन्होंने साफ कहा है कि अंग्रेजी राज्य में कर के कारण जो क्लेश किसानों को अब सहना पड़ा है वह पहले मुसलमानों के राज्य में ...

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History of modern Hindi and Westernization of education

History of modern hindi and Westernization of education

शिक्षा का पश्चिमीकरणआधुनिक हिंदी का इतिहास अंग्रेजी राज्य की स्थापना और आर्थिक परिवर्तनों के संदर्भ में जीवन की नई समस्याएँ पैदा हुई। इन समस्याओं से जूझने के लिए नए दृष्टिकोणों की आवश्यकता पड़ी | कहना न होगा कि नई शिक्षा प्रणाली द्वारा जो ज्ञान-विज्ञान उपलब्ध हुआ उससे बहुत सहायता मिली । १६वीं शताब्दी के अन्त में इस देश को जिस ...

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