Tag Archives: आधुनिक हिंदी का इतिहास

संगीत, चित्र और साहित्य की नई स्थिति

History of Modern Hindi

आधुनिक हिंदी का इतिहास नई परिस्थिति और परिवेश के कारण साहित्य, संगीत और कला को भी संकट का सामना करना पड़ा। उनको आश्रय देने वाले केन्द्र तेजी से टूटने लगे थे। कला-संगीत तो विशेष घरानों से सम्बद्ध हुआ करते थे। ये घराने पीढ़ी-दर-पीढ़ी उनकी रक्षा में संलग्र रहा करते थे। इन घरानों के संरक्षण का दायित्व सामन्त वर्ग पर था। ...

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State of changes In History of modern Hindi

आधुनिक हिंदी का इतिहासबदलाव की स्थिति कोई भी बदलाव यों ही नहीं आता, बल्कि उसके कुछ कारण होते हैं। दो संस्कृतियों का अन्तरावलंबन परिवर्तन के लिए उतना कारगर नहीं होता जितना समाज के बुनियादी ढाँचे को बदलने वाले आर्थिक कारण। मुख्य कारण आर्थिक ही होता है; सांस्कृतिक गौण। यह बात दूसरी है कि कभी सांस्कृतिक कारण भी प्रधान हो उठता ...

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Prose of Nath, Siddh and Niranjani

Hindi of Sindh

आधुनिक हिंदी का इतिहास खड़ीबोली में साहित्य की रचना १३वीं शताब्दी में शुरू हुई. उचद्योतन सूरि रचित कुबलयमाला कथा (७७८ ई०) में एक हाट प्रसंग का उल्लेख मिलता है। उसमें एक मध्यदेशीय वणिक के मुख से सुने हुए मेरे तेरे आदि शब्दों का प्रयोग हुआ है। इससे पता लगता है कि खड़ीबोली मध्यप्रदेश की बोली है। इसके अतिरिक्त इसमें पुष्छह, ...

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भारतीय जागरण (रैनेसां) : पश्चिम की चुनौती

History of Modern Hindi

आधुनिक हिंदी का इतिहास अंग्रेजी राज्य की स्थापना के कारण यहाँ की अर्थनीति में बुनियादी परिवर्तन आया। इसके फलस्वरूप धर्म, समाज, आचार-विचार की जड़ता को एक धक्का लगा। ईसाई मजहब की प्रगति के कारण हिन्दुओं, मुसलमानों की धर्म-संस्कृति की सुरक्षा का प्रश्न भी उठ खड़ा हुआ। ऐसी स्थिति में धार्मिक-सामाजिक परिष्कार की ओर लोगों का उन्मुख होना स्वाभाविक हो गया। ...

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मध्यकालीनता से आधुनिकता की ओर

आधुनिक हिंदी का इतिहास यद्यपि अंग्रेजों ने इस देश में नयी अर्थ-व्यवस्था, औद्योगिकता, संचार-सुविधा, प्रेस आदि को अपने निजी स्वायों के लिए स्थापित किया फिर भी इससे इस देश का हित हुआ। एक स्थिर व्यवस्था से छूटकर देश को नूतन गत्यात्मकता का अनुभव हुआ। परम्पराएँ टूटने लगीं। नए परिवेश में, ऐतिहासिक माँग के फलस्वरूप, लोग अपने को नए ढंग से ...

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The Prose of Khadiboli

Prose-of-Khadiboli

आधुनिक हिंदी का इतिहास खड़ीबोली का आरम्भिक गद्य अंग्रेजों के आगमन के पूर्व गाँव और नगर सामान्यतः अलग-अलग स्वतन्त्र इकाइयाँ थीं। उनके निवासियों को वस्तु-विनिमय के लिए प्रायः बाहर नहीं जाना पड़ता था। किन्तु पुरानी अर्थ-व्यवस्था के टूटने और यातायात के नये साधनों के उपलब्ध होने पर लोगों को जीविका अथवा वस्तु-विनिमय के लिए बाहर जाना पड़ा। इस तरह देश ...

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History of modern Hindi | Khadiboli in North India

Khadiboli Hindi

आधुनिक हिंदी का इतिहास उत्तर भारत में खड़ीबोली दक्खिनी हिन्दी उत्तर भारत की हिन्दी से कुछ इतनी दूर थी कि एक का प्रभावदूसरे पर पड़ ही नहीं सकता था। यहाँ पर दक्खिनी हिन्दी के उल्लेख का मतलब था खड़ीबोली की प्राचीनता दिद्याना और उसके विकास के चरणों को रेखांकित करना। उत्तर भारत में खड़ीबोली अपने ढंग से विकसित हो रही ...

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Christian mission

Christian mission

आधुनिक हिंदी का इतिहासईसाई मिशन यदि राजकाज के लिए सरकारी स्तर पर हिन्दी गद्य का निर्माण और प्रसार फोर्ट विलियम कालेज के माध्यम से किया जाने लगा तो ईसाई धर्म के प्रचार के लिए ईसाई मिशनों ने भी हिन्दी गद्य के निर्माण में योग दिया। इस धर्म में धर्म प्रचाः के लिए ईसाई मिशन बरावर आया करते थे। पर बाइबिल ...

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History Of Modern Hindi | Ancient Form Of Hindi Language

खड़ीबोली का गय : संघर्ष की कहानी

आधुनिक हिंदी का इतिहास खड़ीबोली का गय : संघर्ष की कहानी इस देश की प्रान्तीय भाषाओं को पहला धक्का लगा जिसका कारण नवीन शिक्षा का प्रादुभवि था। कम्पनी सरकार ने सन्‌ १८१३ में एक ऐक्ट बनाकर संस्कृत-फारसी की शिक्षा को प्रोत्साहित किया। राजा राममोहन राय इसके विरुद्ध थे; वे आधुनिकता ले आने के लिए पश्चिमी ढंग की शिक्षा आवश्यक समझते ...

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Hindi outside Fort William College

Hindi outside Fort William College

आधुनिक हिंदी का इतिहास फोर्ट विलियम कालेज के बाहर की हिन्दी प्रशासनिक सुविधा के लिए सन्‌ १८०० में अंग्रेजों ने कलकत्ते में फोर्ट विलियम कालेज की स्थापना की। इस कालेज में साहित्य और विज्ञान दोनों की शिक्षा का आयोजन किया गया। साहित्य में एक ओर तो क्लासिकल भाषा-साहित्य–अरबी, फारसी, संस्कृत-की शिक्षा दी जाने लगी और दूसरी ओर देशभाषा–हिन्दुस्तानी, भाख्वा, बँगला, ...

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