Tag Archives: Hindi Kavita ka Itihas

संगीत, चित्र और साहित्य की नई स्थिति

History of Modern Hindi

आधुनिक हिंदी का इतिहास नई परिस्थिति और परिवेश के कारण साहित्य, संगीत और कला को भी संकट का सामना करना पड़ा। उनको आश्रय देने वाले केन्द्र तेजी से टूटने लगे थे। कला-संगीत तो विशेष घरानों से सम्बद्ध हुआ करते थे। ये घराने पीढ़ी-दर-पीढ़ी उनकी रक्षा में संलग्र रहा करते थे। इन घरानों के संरक्षण का दायित्व सामन्त वर्ग पर था। ...

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State of changes In History of modern Hindi

आधुनिक हिंदी का इतिहासबदलाव की स्थिति कोई भी बदलाव यों ही नहीं आता, बल्कि उसके कुछ कारण होते हैं। दो संस्कृतियों का अन्तरावलंबन परिवर्तन के लिए उतना कारगर नहीं होता जितना समाज के बुनियादी ढाँचे को बदलने वाले आर्थिक कारण। मुख्य कारण आर्थिक ही होता है; सांस्कृतिक गौण। यह बात दूसरी है कि कभी सांस्कृतिक कारण भी प्रधान हो उठता ...

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Progressive and Experimentalism

Progressive-and-Experimentalism

प्रगतिवाद और प्रयोगवाद  छायावाद के बाद 1936 में प्रगविवाद का प्रवर्तन हुआ और 1943 में प्रयोगवाद का। प्रगतिवादी साहित्य मार्क्स के सिद्धान्तों से प्रभावित साहित्य है। यह धारा जनवादी साहित्य या प्रगतिवादी साहित्य के नाम पर आज भी चल रही है। यह केवल साहित्यिक धारा नहीं है बल्कि राजनीति से भी इसका गहरा लगाव है। चूँकि आज की मानवीय संस्कृति ...

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Christian mission

Christian mission

आधुनिक हिंदी का इतिहासईसाई मिशन यदि राजकाज के लिए सरकारी स्तर पर हिन्दी गद्य का निर्माण और प्रसार फोर्ट विलियम कालेज के माध्यम से किया जाने लगा तो ईसाई धर्म के प्रचार के लिए ईसाई मिशनों ने भी हिन्दी गद्य के निर्माण में योग दिया। इस धर्म में धर्म प्रचाः के लिए ईसाई मिशन बरावर आया करते थे। पर बाइबिल ...

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History Of Modern Hindi | Ancient Form Of Hindi Language

खड़ीबोली का गय : संघर्ष की कहानी

आधुनिक हिंदी का इतिहास खड़ीबोली का गय : संघर्ष की कहानी इस देश की प्रान्तीय भाषाओं को पहला धक्का लगा जिसका कारण नवीन शिक्षा का प्रादुभवि था। कम्पनी सरकार ने सन्‌ १८१३ में एक ऐक्ट बनाकर संस्कृत-फारसी की शिक्षा को प्रोत्साहित किया। राजा राममोहन राय इसके विरुद्ध थे; वे आधुनिकता ले आने के लिए पश्चिमी ढंग की शिक्षा आवश्यक समझते ...

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Prose and beginning of Khadiboli poetry

गद्य और खड़ीबोली कविता का प्रारम्भ भारतेन्दु और उनका मण्डल जिन ऐतिहासिक परिस्थितियों में हिन्दी गद्य का निर्माण हो रहा था उन्हें में बेंगला-मराठी-गुजराती तथा अन्य भारतीय भाषाओं का गद्य भी विकसित और निर्मित हो रहा था। इसलिये अपनी अलग-अलग विशेषताओं के बावजूद उनके साहित्य में एक प्रकार का अदूभुत साम्य भी दिखाई देता है। देशभक्ति तथा अंग्रेजों की शोषण-नीति ...

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Hindi outside Fort William College

Hindi outside Fort William College

आधुनिक हिंदी का इतिहास फोर्ट विलियम कालेज के बाहर की हिन्दी प्रशासनिक सुविधा के लिए सन्‌ १८०० में अंग्रेजों ने कलकत्ते में फोर्ट विलियम कालेज की स्थापना की। इस कालेज में साहित्य और विज्ञान दोनों की शिक्षा का आयोजन किया गया। साहित्य में एक ओर तो क्लासिकल भाषा-साहित्य–अरबी, फारसी, संस्कृत-की शिक्षा दी जाने लगी और दूसरी ओर देशभाषा–हिन्दुस्तानी, भाख्वा, बँगला, ...

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Ayodhya Singh Upadhyay ” Hariaudh” Biography

Ayodhya-Singh

अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध ‘ पं० अयोध्यासिंह उपाध्याय का जन्म सन्‌ 1965 में तमसा नदी के किमरे निज़ामाबाद, जिला आज़मगढ़ में हुआ । ये जाति के सनाढय ब्राह्मण थे । इनके पूर्वज प॑० काशीनाथ उपाध्याय जहाँगीर के शासन-काल में दिल्ली में रहते थे । राजकोप के भाजन किसी व्यक्ति को संरक्षण देने के कारण अशुभ परिणाम की आशंका से भागकर ...

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Jagannath Das Ratnakar Biography

Jagannath-Das-Ratnakar

जगन्नाथदास ‘ रत्नाकर’ बाबू जगन्नाथदास “रत्नाकर’ का जन्म सन्‌ 1866 में वाराणसी में हुआ । जाति के ये दिललीवाल अग्रवाल वैश्य थे । इनके पूर्वज पानीपत जिले के रहने वाले थे और अकबर के शासन-काल से ही उच्च सरकारी पदों पर नियुक्त थे।  मुग़ल-साप्राज्य के फ्तन पर इनके प्रपितामह सेठ तुलाराम पहले जहाँदारशाह के साथ लखनऊ आए और फिर काशी ...

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Bhartendu Harishchandra

Bhartendu Harishchandra

भारतेन्दु हरिश्चंद्र भारतेन्दु हरिश्चंद्र का जन्म काशी में 9 सितम्बर सन्‌ 1850 को हुआ । जाति के ये अग्रवाल वैश्य थे । इनके पिता का नाम गोपालचंद्र ठर्फ गिरिधर दास था और माँ का पार्वती । गोकुलचंद्र नाम के इनके एक छोटे भाई थे । हरिश्चंद्र इतिहास-प्रसिद्ध सेठ अमीचंद के वंशज थे । बचपन में इन्हें हिंदी की शिक्षा पं० ...

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